दलित महिला से मारपीट, शिउर थाने में दो के खिलाफ मामला दर्ज, एक फरार, एक अस्थाई जमानत पर रिहा...
दलित महिला से मारपीट, शिउर थाने में दो के खिलाफ मामला दर्ज, एक फरार, एक अस्थाई जमानत पर रिहा...
महिला को न्याय दिलाने के लिए ग्रामीण पुलिस कमिश्नर आश्वासन दिया और मामला एलसीबी को सौंप दिया है और जल्द ही उसे गिरफ्तार करने का वादा किया गया...
औरंगाबाद - मैं तुम्हारी जमीन बेच दूंगा, सारे दस्तावेज ले आओ। 29 जनवरी, 2024 को वैजापुर तालुका के शिउर पुलिस स्टेशन में 25 वर्षीय दलित महिला से छेड़छाड़ और मारपीट का मामला दर्ज किया गया था।आरोपी गणेश निघुट और कैलास भगत के खिलाफ (दोनों चिकटगांव के रहने वाले )मामला दर्ज किया गया है, आईपीसी की धारा 376, 323, 504, 506, 34 और एट्रोसिटी 3 (1)(w)(i) के तहत मामला दर्ज किया गया है पुलिस ने चार सीट कोर्ट में शिकायत दर्ज की और 13 मार्च 2024 को पुलिस आयुक्त शहर और ग्रामीण के कार्यालय में शिकायत दी गई कि पीड़िता महिला को पुलिस अधिकारी पर मारपीट और परेशान करने का आरोप लगाया है.इस घटना को ढाई महीने होने बावजूद आज भी पीड़िता को न्याय नहीं मिला है।आरोपी अभी भी फरार है. इसके चलते पीड़ित महिला ने सबला उत्कर्ष समाचार पत्र की प्रधान संपादक श्रीमती राजश्री चौधरी को सारी सच्ची घटना बताई, दिल्ली एवं महाराष्ट्र राज्य मराठी पत्रकार संघ मुंबई संपर्क प्रमुख राजश्री चौधरी ने केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्य मंत्री रामदास अठावले जी को फोन पर इस घटना की जानकारी दी। । मंत्री साहब ने सहायतार्थ सामाजिक कार्यकर्ता काजलताई केदारे इनको राजश्री चौधरी इनके साथ पूरी घटना की सच्चाई जानने के लिए मदद करनेके लिए कहा।काजल केदारे और राजश्री चौधरी दि.15 अप्रैल को जब वह पुलिस स्टेशन शिउर और वैजापुर आयुक्त कार्यालय गए तो उन्हें को पुलिस से सही मददत नहीं मिली इस लिए ग्रामीण पुलिस आयुक्त औरंगाबाद, यहां 18 एप्रिल के दिन राजश्री चौधरी सबला उत्कर्ष समाचार पत्र के संपादक और महाराष्ट्र राज्य मराठी पत्रकार संघ मुंबई संपर्क प्रमुख दिल्ली, दलित पीड़ित महिला और राहुल परदेशी (औरंगाबाद )द्वारा निवेदन दिया गया ।पुलिस आयुक्त जी को आरोपी गणेश बाबू निघुट और कैलास भगत को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने का अनुरोध किया है. पुलिस कमिश्नर ने अपनी टीम से फोन पर बात की और मामले के बारे में कुछ जानकारी दी और राजश्री चौधरी व पिडीत महिला को आश्वासन दिया यह मामला अब पुलिस स्टेशन जाने के बजाय औरंगाबाद के एलसीबी को सौंपा जा रहा है और उन्होंने आश्वासन दिया है कि आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा.